कदम-कदम पर हावी हैं बनावटी उसूल, सच बनाम कागज के फूल

— दिनेश ठाकुरअमरीकी लेखक मार्क ट्वैन का काफी चला हुआ कौल है- ‘सच जब तक जूते पहन रहा होता है, तब तक झूठ आधी दुनिया का चक्कर काट चुका होता है।’ इसके आगे का किस्सा यूं है कि जूते पहन कर सच बाहर निकला तो लोग उसे खरी-खोटी सुनाने लगे- …

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