Exclusive : एक दूसरे पर कीचड़ उछालकर हम क्या उदाहरण पेश कर रहे हैं: श्वेता त्रिपाठी


‘मुझे इस इंडस्ट्री में 10 वर्ष हो गए हैं तो खुद को आउटसाइडर नहीं मानती। मुझे यहां बहुत प्यार और सपोर्ट मिला है, दर्शकों से भी और इंडस्ट्री के लोगों से भी। इंडस्ट्री में मेरा अनुभव अच्छा रहा है, लेकिन अभी बहुत ज्यादा नेगेटिविटी फैल रही है। मुझे लगता है कि हमें एक दूसरे का सपोर्ट करना चाहिए। ट्रोलिंग कल्चर को रोकना चाहिए। क्रिटिसिज्म और फीडबैक जैसी चीजें जरूरी हैं, लेकिन नेगेटिविटी से कभी किसी का फायदा नहीं होता। आजकल लोग एक एक दूसरे पर किचड उछाल रहे हैं। हम अपने बच्चों के सामने क्या उदाहरण पेश कर रहे हैं। हमारी यह जिम्मेदारी है कि एक समाज के तौर पर हम इन चीजों को ठीक करें। यह कहना है अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी का। अभिनेत्री ने पत्रिका एंटरटेनमेंट के साथ खास बातचीत की।

कैसे की किरदार की तैयारी

‘कार्गो’ करने में मुझे बहुत मजा आया। यह हमारी डायरेक्टर आरती कदम की डेब्यू फिल्म है। इस साइंस फिक्शन फिल्म के लिए हमने वर्कशॉप ली। आरती ने हमें साइंस फिक्शन फिल्मों की एक लिस्ट दी थी, हमने वो देखीं, किताबें पढ़ी। यह जाना कि अंतरिक्ष में खाना क्या खाते हैं और कैसे खाते हैं। हमने इस फिल्म के लिए बहुत रिसर्च की। आरती ने तो इस विषय पर वर्षों तक अध्ययन किया।

घर और सेट में अंतर

श्वेता ने ‘द गॉन गेम’ की शूटिंग लॉकडाउन के दौरान घर पर की। हालांकि बाद में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह अब घर पर शूट नहीं करेंगी। इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि घर पर शूटिंग करने का अनुभव अद्भुत रहा। सारा काम मैंने और मेरे पति ने किया, लेकिन घर फिल्म का सेट नहीं हो सकता। घर पर बहुत—सी चीजें पर्सनल होती हैं। घर और सेट में बहुत अंतर होता है। हां, घर पर शूटिंग करना एक अलग अनुभव रहा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्यार

श्वेता का कहना है कि डिजिटल पर बहुत अच्छा और अलग कंटेंट मिल रहा है। मुझे इस प्लेटफॉर्म से बहुत कुछ सीखने को मिला। यहां मुझे ‘लाखों में एक’ सीजन 2 और ‘मिर्जापुर’ से प्रोजेक्ट मिले हैं। मुझे इस प्लेटफॉर्म से बहुत प्यार है। ‘मिर्जापुर’ से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है और इसने मुझे बहुत कुछ दिया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म सिर्फ एक्टर्स के लिए ही नहीं बल्कि राइटर्स और डायरेक्टर्स के लिए भी है।





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