नई दिल्ली: कंगना रनौत और शिवसेना के बीच की तनातनी बढ़ती जा रही है। शिवसेना ने कंगना से अपनी लड़ाई में बीएमसी को शामिल कर लिया है। दरअसल, कुछ दिनों पहले कंगना रनौत ने ट्वीट कर ऐलान किया था कि वह 9 सितंबर को मुंबई वापस आ रही हैं। किसी के अगर हिम्मत हो तो उन्हें रोक के दिखाए। कंगना के इस ऐलान के बाद बीमएमसी भी अपनी तैयारियों में जुट गई है। दरअसल, खबरों की मानें तो कंगना के मुंबई पहुंचने के बाद बीमएसी उन्हें क्वांरटीन करेगी।

अगर कंगना 7 दिनों से ज्यादा मुंबई में रहने के लिए आ रही हैं तो उन्हें क्वारंटाइन रहना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएमसी ने कहा है कि अगर कंगना रनौत 7 दिनों से ज्यादा दिन के लिए मुंबई आती हैं तो उन्हें क्वांरटाइन किया जाएगा। लेकिन अगर वह अपनी 7 दिन से पहले की रिटर्न टिकट दिखा देती हैं तो उन्हें क्वांरटाइन नहीं किया जाएगा।

आपको बता दें कि सोमवार को बीएमसी ने कंगना के मुंबई स्थित ऑफिस पर छापा मारा था। इसकी जानकारी खुद कंगना रनौत ने दी। कंगना ने अपने ऑफिस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ये मुंबई में मणिकर्णिका का ऑफिस है। जिसे मैंने पंद्रह साल मेहनत कर कमाया था। मेरा जिंदगी में बस एक ही सपना था कि मैं जब भी फिल्म निर्माता बनूं तो मेरा खुद का अपना ऑफिस हो। लेकिन लगता है कि मेरा ये सपना टूटने का वक्त आ गया है, आज वहां अचानक बीएमसी के लोग आए। कंगना ने आगे लिखा, मेरे पास सभी कागज हैं और बीएमसी की परमिशन भी है। मैंने अपनी प्रॉपटी में कुछ भी गैर-कानूनी नहीं किया है। कंगना ने कहा कि बीएमसी को पहले स्ट्रक्टर प्लान भेजना चाहिए था कि कहां गैरकानूनी काम हुआ है। लेकिन उन्होंने आज मेरे ऑफिस पर रेड मारी बिना किसी नोटिस के और वह सब कुछ ध्वस्त कर देंगे।

आपको बता दें कि हाल ही में कंगना रनौत ने कहा था कि वह बॉलीवुड के ड्रग लिंक के बारे में जानती हैं। वह नारकोटिक्स ब्यूरो कंट्रोल की मदद कर सकती हैं लेकिन इसके लिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। कंगना ने कहा कि उन्हें सेंटर या फिर हिमाचल प्रदेश की सुरक्षा चाहिए। क्योंकि उन्हें मूवी माफिया से ज्यादा मुंबई पुलिस से डर है। उनके इस बयान पर शिवसेना नेता संजय राउत ने उन्हें मुंबई न आने की सलाह दी थी। जिसके बाद कंगना ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मुंबई उन्हें पीओके जैसा लग रहा है।





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