मिर्जापुर शो का पहला सीजन एक दिलचस्प मोड़ पर समाप्त हुआ था। जो बदले की भावना से अंत होते हुए नजर आया। जबकि अली के किरदार में पिछले सीजन में काफी एक्शन था । श्वेता के लिए एक्शन बिल्कुल नया था। पहले सीजन में ही उनका किरदार गोलू एक नटखट महिला के रूप में सामने आता है। लेकिन नए सीजन में उनका चरित्र पूरी तरह से एक नए भाव में नजर आएगा। अपनी बहन की मौत का बदला लेने के लिए श्वेता को भारी-भरकम एक्शन सीन करने पड़ेंगे। इसलिए उन्हें गन चलाने का प्रशिक्षण लेना पड़ा।

अभिनेत्री ने अपना अनुभव बताते हुए कहा मुझे आज भी याद है कि मैंने पहली बार जब गन पकड़ी थी।उसकी गूंज ने मुझे पूरी तरह से हिला दिया था। मुझे तभी पता चल गया था कि मुझे इसके लिए प्रशिक्षण लेना होगा। हमने असली बंदूकों का इस्तेमाल किया और इसलिए मैंने स्टंट डायरेक्टर मनोहर वर्मा के साथ फिल्म सिटी के पास उनके ट्रेनिंग आर्केड में अगले 10 दिनों तक ट्रेनिंग ली। मैं ट्रेनिंग सेशन में चीता (चेतन शर्मा पति) को साथ ले जाती थी और वह मुझे गोलू 2.0 बनता देख बेहद उत्साहित रहता था। मैं प्रशिक्षण के दौरान कानों में एयर प्लग लगाकर संगीत सुना करती थी । मुझे असली आत्म विश्वास सेट पर आया था। हाथ में दहकती गन लिए इमोशनल सींस को अंजाम देना और यह सुनिश्चित करना सब कुछ आसानी से हो जाए काफी कठिन था। विशेष रूप से मेरे जैसे किसी के लिए। क्योंकि में हिंसा पसंद नहीं करती। लेकिन यह श्वेता नहीं बल्कि गोलू की कहानी है। मैं गोलू का जीवन जी रही हूं । मुंबई में शूटिंग के मेरे पहले दिनों में से एक मैंने खुद को भावनात्मक रूप से तैयार किया। यह पहली बार है जब मैं एक्शन सींस कर रही थी और मैंने शारीरिक रूप से बहुत पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। इस सीजन में मेरा किरदार एक दिलचस्प छाप लोगों के दिल और दिमाग पर छोड़ जाएगा। वह सीजन 1 से गोलू की तरह नहीं दिखेगी। मैं रोजाना शूटिंग और ट्रेनिंग पूरी करती थी। हम कई महिलाओं को बंदूक पकड़े हुए नहीं देखते हैं अगर मैं ऐसा कर रही हूं तो मैं इसे अच्छे से करना चाहती थी।



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